कर्पूरगौरं करुणावतारं लिरिक्स

कर्पूरगौरं मंत्र शिव आरती के अंत में बोला जाने वाला प्रसिद्ध मंत्र है।

Karpur Gauram Karunavtaram Lyrics

Karpur Gauram Karunavtaram Lyrics

कर्पूरगौरं करुणावतारं,
संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे,
भवं भवानीसहितं नमामि ।।

अर्थ और भाव

इसमें शिव को कपूर जैसे गौर, करुणा के अवतार और संसार के सार के रूप में याद किया गया है, और उनसे हृदय में निवास की प्रार्थना है।

कब और कैसे पढ़ें

आरती के अंत में कपूर जलाते समय इसे बोलें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह मंत्र कब बोला जाता है?

शिव आरती के अंत में।

इसमें कपूर का क्या संबंध है?

शिव का रंग कपूर जैसा गौर बताया गया है।