कर्पूरगौरं मंत्र शिव आरती के अंत में बोला जाने वाला प्रसिद्ध मंत्र है।

कर्पूरगौरं मंत्र शिव आरती के अंत में बोला जाने वाला प्रसिद्ध मंत्र है।

कर्पूरगौरं करुणावतारं,
संसारसारम् भुजगेन्द्रहारम् ।
सदावसन्तं हृदयारविन्दे,
भवं भवानीसहितं नमामि ।।
इसमें शिव को कपूर जैसे गौर, करुणा के अवतार और संसार के सार के रूप में याद किया गया है, और उनसे हृदय में निवास की प्रार्थना है।
आरती के अंत में कपूर जलाते समय इसे बोलें।
शिव आरती के अंत में।
शिव का रंग कपूर जैसा गौर बताया गया है।